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बुखार के बाद दिखें ये लाल दाने तो हो जाएं सावधान! बच्चों में तेजी से फैल रही खतरनाक बीमारी, डॉक्टरों ने जारी किया बड़ा अलर्ट

 


नई दिल्ली: दुनिया के कई देशों में एक बार फिर खसरा (Measles) तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी केवल सामान्य वायरल संक्रमण नहीं है, बल्कि समय पर इलाज और टीकाकरण न होने पर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। हालिया स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में कई देशों में खसरे के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के नियमित टीकाकरण में आई कमी इस बढ़ते खतरे का सबसे बड़ा कारण है।

स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार लोगों से अपील कर रही हैं कि वे अपने बच्चों को समय पर MMR (Measles, Mumps, Rubella) वैक्सीन अवश्य लगवाएं। डॉक्टरों का कहना है कि खसरा अत्यधिक संक्रामक बीमारी है और यदि एक संक्रमित व्यक्ति किसी ऐसे स्थान पर जाता है जहां टीकाकरण नहीं हुआ है, तो वहां बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है चिंता?

खसरा कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में कई देशों में टीकाकरण की दर घटने के कारण इसके मामले फिर बढ़ने लगे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार—

  • कुछ परिवार बच्चों का टीकाकरण समय पर नहीं करा रहे।

  • कोविड-19 महामारी के दौरान कई नियमित टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित हुए।

  • अंतरराष्ट्रीय यात्रा बढ़ने से संक्रमण एक देश से दूसरे देश तक तेजी से पहुंच सकता है।

  • कुछ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित पहुंच भी बड़ी वजह है।

यही कारण है कि विश्वभर की स्वास्थ्य एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं।

आखिर क्या है खसरा?

खसरा एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है, हालांकि वयस्क भी इससे संक्रमित हो सकते हैं।

यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके संपर्क में आने से फैलता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बेहद तेजी से फैलता है।

यदि किसी कमरे में संक्रमित व्यक्ति कुछ समय पहले मौजूद रहा हो, तो वायरस हवा में कुछ समय तक सक्रिय रह सकता है।

कितनी तेजी से फैलता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी समुदाय में 100 लोगों ने टीका नहीं लगवाया है और उनमें एक व्यक्ति संक्रमित हो जाता है, तो बड़ी संख्या में अन्य लोग भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

इसी वजह से खसरे को दुनिया की सबसे अधिक संक्रामक बीमारियों में गिना जाता है।

क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण?

खसरे की शुरुआत सामान्य वायरल संक्रमण जैसी दिखाई देती है।

मुख्य लक्षण—

  • तेज बुखार

  • लगातार खांसी

  • नाक बहना

  • आंखों का लाल होना

  • आंखों से पानी आना

  • मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे

  • कुछ दिनों बाद पूरे शरीर पर लाल चकत्ते

चकत्ते सामान्यतः चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाते हैं।

कब हो सकता है गंभीर?

यदि समय पर इलाज न मिले तो खसरे से कई गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • निमोनिया

  • कान का संक्रमण

  • गंभीर डायरिया

  • मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis)

  • कुपोषित बच्चों में मृत्यु का खतरा

विशेष रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में यह बीमारी अधिक गंभीर हो सकती है।

डॉक्टर क्या सलाह दे रहे हैं?

बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

यदि बच्चे में तेज बुखार और लाल चकत्ते दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए।

सबसे प्रभावी बचाव क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार खसरे से बचने का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका MMR वैक्सीन है।

आमतौर पर—

  • पहली डोज लगभग 9–12 महीने की उम्र में (देश के टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार)

  • दूसरी डोज बाद की निर्धारित आयु में दी जाती है।

दोनों डोज लेने वाले बच्चों में संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है।

क्या वयस्कों को भी खतरा है?

जी हां।

यदि किसी व्यक्ति ने बचपन में टीका नहीं लगवाया या उसे पहले कभी खसरा नहीं हुआ, तो वह भी संक्रमित हो सकता है।

गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले मरीजों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

क्या भारत में भी सतर्क रहने की जरूरत है?

भारत में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सभी बच्चों तक वैक्सीन पहुंचना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर विशेष टीकाकरण अभियान भी चलाता है ताकि कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं—

  • बच्चों का टीकाकरण समय पर कराएं।

  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।

  • बार-बार हाथ धोएं।

  • बुखार और चकत्ते होने पर तुरंत जांच कराएं।

  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।

  • स्कूलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बीमारी के लक्षण होने पर जाने से बचें।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का कहना है कि खसरे को केवल "साधारण दाने वाली बीमारी" समझना बड़ी भूल हो सकती है। यदि टीकाकरण में लापरवाही बरती गई तो आने वाले समय में इसके मामले और बढ़ सकते हैं।

स्वास्थ्य एजेंसियां इस बात पर जोर दे रही हैं कि टीकाकरण ही इस बीमारी के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है।

दुनिया के कई देशों में बढ़ते खसरे के मामलों ने एक बार फिर स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। यह बीमारी अत्यधिक संक्रामक है और समय पर टीकाकरण न होने पर गंभीर रूप ले सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को निर्धारित समय पर MMR वैक्सीन लगवाना, शुरुआती लक्षणों को पहचानना और समय रहते इलाज कराना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करते हुए और टीकाकरण को प्राथमिकता देकर इस बीमारी के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

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